Descargo de responsabilidad

Toda la información en islamicFinder.org es verificada por profesionales de antemano. Si encuentre cualquier material inadecuado( o enlaces conduciendo a materiales inadecuadas), Por favor  Contáctenos

Ubicación

Por favor entre nombre de la ubicación actual
Por favor introduzca valores correctos de latitud y longitud.
Por favor seleccione el huso horario.
Por favor seleccione la fecha de inicio del horario de verano
Por favor seleccione la fecha de finalización del horario de verano
Cálculo de oración

para una experiencia más rápida y actualizaciones diarias.

×

para una experiencia más rápida y actualizaciones diarias.

×
download

Leer Surah BaqarahCon traducción

¡Disculpe! no podría encontrar cualquier aleya correspondiente de su busqueda/ palabra

تِلْكَ ٱلرُّسُلُ فَضَّلْنَا بَعْضَهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ مِّنْهُم مَّن كَلَّمَ ٱللَّهُ وَرَفَعَ بَعْضَهُمْ دَرَجَٰتٍ وَءَاتَيْنَا عِيسَى ٱبْنَ مَرْيَمَ ٱلْبَيِّنَٰتِ وَأَيَّدْنَٰهُ بِرُوحِ ٱلْقُدُسِ وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا ٱقْتَتَلَ ٱلَّذِينَ مِنۢ بَعْدِهِم مِّنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَٰتُ وَلَٰكِنِ ٱخْتَلَفُوا۟ فَمِنْهُم مَّنْ ءَامَنَ وَمِنْهُم مَّن كَفَرَ وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا ٱقْتَتَلُوا۟ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَفْعَلُ مَا يُرِيدُ

Tilka alrrusulu faddalna baAAdahum AAala baAAdin minhum man kallama Allahu warafaAAa baAAdahum darajatin waatayna AAeesa ibna maryama albayyinati waayyadnahu biroohi alqudusi walaw shaa Allahu ma iqtatala allatheena min baAAdihim min baAAdi ma jaathumu albayyinatu walakini ikhtalafoo faminhum man amana waminhum man kafara walaw shaa Allahu ma iqtataloo walakinna Allaha yafAAalu ma yureedu

यह सब रसूल (जो हमने भेजे) उनमें से बाज़ को बाज़ पर फज़ीलत दी उनमें से बाज़ तो ऐसे हैं जिनसे ख़ुद ख़ुदा ने बात की उनमें से बाज़ के (और तरह पर) दर्जे बुलन्द किये और मरियम के बेटे ईसा को (कैसे कैसे रौशन मौजिज़े अता किये) और रूहुलकुदस (जिबरईल) के ज़रिये से उनकी मदद की और अगर ख़ुदा चाहता तो लोग इन (पैग़म्बरों) के बाद हुये वह अपने पास रौशन मौजिज़े आ चुकने पर आपस में न लड़ मरते मगर उनमें फूट पड़ गई पस उनमें से बाज़ तो ईमान लाये और बाज़ काफ़िर हो गये और अगर ख़ुदा चाहता तो यह लोग आपस में लड़ते मगर ख़ुदा वही करता है जो चाहता है

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَنفِقُوا۟ مِمَّا رَزَقْنَٰكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ يَوْمٌ لَّا بَيْعٌ فِيهِ وَلَا خُلَّةٌ وَلَا شَفَٰعَةٌ وَٱلْكَٰفِرُونَ هُمُ ٱلظَّٰلِمُونَ

Ya ayyuha allatheena amanoo anfiqoo mimma razaqnakum min qabli an yatiya yawmun la bayAAun feehi wala khullatun wala shafaAAatun waalkafiroona humu alththalimoona

ऐ ईमानदारों जो कुछ हमने तुमको दिया है उस दिन के आने से पहले (ख़ुदा की राह में) ख़र्च करो जिसमें न तो ख़रीदो फरोख्त होगी और न यारी (और न आशनाई) और न सिफ़ारिश (ही काम आयेगी) और कुफ़्र करने वाले ही तो जुल्म ढाते हैं

ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلْحَىُّ ٱلْقَيُّومُ لَا تَأْخُذُهُۥ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ لَّهُۥ مَا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ مَن ذَا ٱلَّذِى يَشْفَعُ عِندَهُۥٓ إِلَّا بِإِذْنِهِۦ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَىْءٍ مِّنْ عِلْمِهِۦٓ إِلَّا بِمَا شَآءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَلَا يَـُٔودُهُۥ حِفْظُهُمَا وَهُوَ ٱلْعَلِىُّ ٱلْعَظِيمُ

Allahu la ilaha illa huwa alhayyu alqayyoomu la takhuthuhu sinatun wala nawmun lahu ma fee alssamawati wama fee alardi man tha allathee yashfaAAu AAindahu illa biithnihi yaAAlamu ma bayna aydeehim wama khalfahum wala yuheetoona bishayin min AAilmihi illa bima shaa wasiAAa kursiyyuhu alssamawati waalarda wala yaooduhu hifthuhuma wahuwa alAAaliyyu alAAatheemu

ख़ुदा ही वो ज़ाते पाक है कि उसके सिवा कोई माबूद नहीं (वह) ज़िन्दा है (और) सारे जहान का संभालने वाला है उसको न ऊँघ आती है न नींद जो कुछ आसमानो में है और जो कुछ ज़मीन में है (गरज़ सब कुछ) उसी का है कौन ऐसा है जो बग़ैर उसकी इजाज़त के उसके पास किसी की सिफ़ारिश करे जो कुछ उनके सामने मौजूद है (वह) और जो कुछ उनके पीछे (हो चुका) है (खुदा सबको) जानता है और लोग उसके इल्म में से किसी चीज़ पर भी अहाता नहीं कर सकते मगर वह जिसे जितना चाहे (सिखा दे) उसकी कुर्सी सब आसमानॊं और ज़मीनों को घेरे हुये है और उन दोनों (आसमान व ज़मीन) की निगेहदाश्त उसपर कुछ भी मुश्किल नहीं और वह आलीशान बुजुर्ग़ मरतबा है

لَآ إِكْرَاهَ فِى ٱلدِّينِ قَد تَّبَيَّنَ ٱلرُّشْدُ مِنَ ٱلْغَىِّ فَمَن يَكْفُرْ بِٱلطَّٰغُوتِ وَيُؤْمِنۢ بِٱللَّهِ فَقَدِ ٱسْتَمْسَكَ بِٱلْعُرْوَةِ ٱلْوُثْقَىٰ لَا ٱنفِصَامَ لَهَا وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

La ikraha fee alddeeni qad tabayyana alrrushdu mina alghayyi faman yakfur bialttaghooti wayumin biAllahi faqadi istamsaka bialAAurwati alwuthqa la infisama laha waAllahu sameeAAun AAaleemun

दीन में किसी तरह की जबरदस्ती नहीं क्योंकि हिदायत गुमराही से (अलग) ज़ाहिर हो चुकी तो जिस शख्स ने झूठे खुदाओं बुतों से इंकार किया और खुदा ही पर ईमान लाया तो उसने वो मज़बूत रस्सी पकड़ी है जो टूट ही नहीं सकती और ख़ुदा सब कुछ सुनता और जानता है

ٱللَّهُ وَلِىُّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ يُخْرِجُهُم مِّنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ أَوْلِيَآؤُهُمُ ٱلطَّٰغُوتُ يُخْرِجُونَهُم مِّنَ ٱلنُّورِ إِلَى ٱلظُّلُمَٰتِ أُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلنَّارِ هُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَ

Allahu waliyyu allatheena amanoo yukhrijuhum mina alththulumati ila alnnoori waallatheena kafaroo awliyaohumu alttaghootu yukhrijoonahum mina alnnoori ila alththulumati olaika ashabu alnnari hum feeha khalidoona

ख़ुदा उन लोगों का सरपरस्त है जो ईमान ला चुके कि उन्हें (गुमराही की) तारीक़ियों से निकाल कर (हिदायत की) रौशनी में लाता है और जिन लोगों ने कुफ़्र इख्तेयार किया उनके सरपरस्त शैतान हैं कि उनको (ईमान की) रौशनी से निकाल कर (कुफ़्र की) तारीकियों में डाल देते हैं यही लोग तो जहन्नुमी हैं (और) यही उसमें हमेशा रहेंगे

أَلَمْ تَرَ إِلَى ٱلَّذِى حَآجَّ إِبْرَٰهِۦمَ فِى رَبِّهِۦٓ أَنْ ءَاتَىٰهُ ٱللَّهُ ٱلْمُلْكَ إِذْ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ رَبِّىَ ٱلَّذِى يُحْىِۦ وَيُمِيتُ قَالَ أَنَا۠ أُحْىِۦ وَأُمِيتُ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ فَإِنَّ ٱللَّهَ يَأْتِى بِٱلشَّمْسِ مِنَ ٱلْمَشْرِقِ فَأْتِ بِهَا مِنَ ٱلْمَغْرِبِ فَبُهِتَ ٱلَّذِى كَفَرَ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ

Alam tara ila allathee hajja ibraheema fee rabbihi an atahu Allahu almulka ith qala ibraheemu rabbiya allathee yuhyee wayumeetu qala ana ohyee waomeetu qala ibraheemu fainna Allaha yatee bialshshamsi mina almashriqi fati biha mina almaghribi fabuhita allathee kafara waAllahu la yahdee alqawma alththalimeena

(ऐ रसूल) क्या तुम ने उस शख्स (के हाल) पर नज़र नहीं की जो सिर्फ़ इस बिरते पर कि ख़ुदा ने उसे सल्तनत दी थी इब्राहीम से उनके परवरदिगार के बारे में उलझ पड़ा कि जब इब्राहीम ने (उससे) कहा कि मेरा परवरदिगार तो वह है जो (लोगों को) जिलाता और मारता है तो वो भी (शेख़ी में) आकर कहने लगा मैं भी जिलाता और मारता हूं (तुम्हारे ख़ुदा ही में कौन सा कमाल है) इब्राहीम ने कहा (अच्छा) खुदा तो आफ़ताब को पूरब से निकालता है भला तुम उसको पश्चिम से निकालो इस पर वह काफ़िर हक्का बक्का हो कर रह गया (मगर ईमान न लाया) और ख़ुदा ज़ालिमों को मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुंचाया करता

أَوْ كَٱلَّذِى مَرَّ عَلَىٰ قَرْيَةٍ وَهِىَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا قَالَ أَنَّىٰ يُحْىِۦ هَٰذِهِ ٱللَّهُ بَعْدَ مَوْتِهَا فَأَمَاتَهُ ٱللَّهُ مِا۟ئَةَ عَامٍ ثُمَّ بَعَثَهُۥ قَالَ كَمْ لَبِثْتَ قَالَ لَبِثْتُ يَوْمًا أَوْ بَعْضَ يَوْمٍ قَالَ بَل لَّبِثْتَ مِا۟ئَةَ عَامٍ فَٱنظُرْ إِلَىٰ طَعَامِكَ وَشَرَابِكَ لَمْ يَتَسَنَّهْ وَٱنظُرْ إِلَىٰ حِمَارِكَ وَلِنَجْعَلَكَ ءَايَةً لِّلنَّاسِ وَٱنظُرْ إِلَى ٱلْعِظَامِ كَيْفَ نُنشِزُهَا ثُمَّ نَكْسُوهَا لَحْمًا فَلَمَّا تَبَيَّنَ لَهُۥ قَالَ أَعْلَمُ أَنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ

Aw kaallathee marra AAala qaryatin wahiya khawiyatun AAala AAurooshiha qala anna yuhyee hathihi Allahu baAAda mawtiha faamatahu Allahu miata AAamin thumma baAAathahu qala kam labithta qala labithtu yawman aw baAAda yawmin qala bal labithta miata AAamin faonthur ila taAAamika washarabika lam yatasannah waonthur ila himarika walinajAAalaka ayatan lilnnasi waonthur ila alAAithami kayfa nunshizuha thumma naksooha lahman falamma tabayyana lahu qala aAAlamu anna Allaha AAala kulli shayin qadeerun

(ऐ रसूल तुमने) मसलन उस (बन्दे के हाल पर भी नज़र की जो एक गॉव पर से होकर गुज़रा और वो ऐसा उजड़ा था कि अपनी छतों पर से ढह के गिर पड़ा था ये देखकर वह बन्दा (कहने लगा) अल्लाह अब इस गॉव को ऐसी वीरानी के बाद क्योंकर आबाद करेगा इस पर ख़ुदा ने उसको (मार डाला) सौ बरस तक मुर्दा रखा फिर उसको जिला उठाया (तब) पूछा तुम कितनी देर पड़े रहे अर्ज क़ी एक दिन पड़ा रहा एक दिन से भी कम फ़रमाया नहीं तुम (इसी हालत में) सौ बरस पड़े रहे अब ज़रा अपने खाने पीने (की चीज़ों) को देखो कि बुसा तक नहीं और ज़रा अपने गधे (सवारी) को तो देखो कि उसकी हड्डियाँ ढेर पड़ी हैं और सब इस वास्ते किया है ताकि लोगों के लिये तुम्हें क़ुदरत का नमूना बनाये और अच्छा अब (इस गधे की) हड्डियों की तरफ़ नज़र करो कि हम क्योंकर जोड़ जाड़ कर ढाँचा बनाते हैं फिर उनपर गोश्त चढ़ाते हैं पस जब ये उनपर ज़ाहिर हुआ तो बेसाख्ता बोल उठे कि (अब) मैं ये यक़ीने कामिल जानता हूं कि ख़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है

وَإِذْ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ رَبِّ أَرِنِى كَيْفَ تُحْىِ ٱلْمَوْتَىٰ قَالَ أَوَلَمْ تُؤْمِن قَالَ بَلَىٰ وَلَٰكِن لِّيَطْمَئِنَّ قَلْبِى قَالَ فَخُذْ أَرْبَعَةً مِّنَ ٱلطَّيْرِ فَصُرْهُنَّ إِلَيْكَ ثُمَّ ٱجْعَلْ عَلَىٰ كُلِّ جَبَلٍ مِّنْهُنَّ جُزْءًا ثُمَّ ٱدْعُهُنَّ يَأْتِينَكَ سَعْيًا وَٱعْلَمْ أَنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ

Waith qala ibraheemu rabbi arinee kayfa tuhyee almawta qala awalam tumin qala bala walakin liyatmainna qalbee qala fakhuth arbaAAatan mina alttayri fasurhunna ilayka thumma ijAAal AAala kulli jabalin minhunna juzan thumma odAAuhunna yateenaka saAAyan waiAAlam anna Allaha AAazeezun hakeemun

और (ऐ रसूल) वह वाकेया भी याद करो जब इबराहीम ने (खुदा से) दरख्वास्त की कि ऐ मेरे परवरदिगार तू मुझे भी तो दिखा दे कि तू मुर्दों को क्योंकर ज़िन्दा करता है ख़ुदा ने फ़रमाया क्या तुम्हें (इसका) यक़ीन नहीं इबराहीम ने अर्ज़ की (क्यों नहीं) यक़ीन तो है मगर ऑंख से देखना इसलिए चाहता हूं कि मेरे दिल को पूरा इत्मिनान हो जाए फ़रमाया (अगर ये चाहते हो) तो चार परिन्दे लो और उनको अपने पास मॅगवा लो और टुकड़े टुकड़े कर डालो फिर हर पहाड़ पर उनका एक एक टुकड़ा रख दो उसके बाद उनको बुलाओ (फिर देखो तो क्यों कर वह सब के सब तुम्हारे पास दौड़े हुए आते हैं और समझ रखो कि ख़ुदा बेशक ग़ालिब और हिकमत वाला है

مَّثَلُ ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ كَمَثَلِ حَبَّةٍ أَنۢبَتَتْ سَبْعَ سَنَابِلَ فِى كُلِّ سُنۢبُلَةٍ مِّا۟ئَةُ حَبَّةٍ وَٱللَّهُ يُضَٰعِفُ لِمَن يَشَآءُ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ

Mathalu allatheena yunfiqoona amwalahum fee sabeeli Allahi kamathali habbatin anbatat sabAAa sanabila fee kulli sunbulatin miatu habbatin waAllahu yudaAAifu liman yashao waAllahu wasiAAun AAaleemun

जो लोग अपने माल खुदा की राह में खर्च करते हैं उनके (खर्च) की मिसाल उस दाने की सी मिसाल है जिसकी सात बालियॉ निकलें (और) हर बाली में सौ (सौ) दाने हों और ख़ुदा जिसके लिये चाहता है दूना कर देता है और खुदा बड़ी गुन्जाइश वाला (हर चीज़ से) वाक़िफ़ है

ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ لَا يُتْبِعُونَ مَآ أَنفَقُوا۟ مَنًّا وَلَآ أَذًى لَّهُمْ أَجْرُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ وَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ

Allatheena yunfiqoona amwalahum fee sabeeli Allahi thumma la yutbiAAoona ma anfaqoo mannan wala athan lahum ajruhum AAinda rabbihim wala khawfun AAalayhim wala hum yahzanoona

जो लोग अपने माल ख़ुदा की राह में ख़र्च करते हैं और फिर ख़र्च करने के बाद किसी तरह का एहसान नहीं जताते हैं और न जिनपर एहसान किया है उनको सताते हैं उनका अज्र (व सवाब) उनके परवरदिगार के पास है और न आख़ेरत में उनपर कोई ख़ौफ़ होगा और न वह ग़मगीन होंगे

Contact Us

Thanks for reaching out. We'll get back to you soon.

Improve your location’s accuracy

Sometimes we might have trouble finding where you are located. Having your current location will help us to get you more accurate prayer times and nearby Islamic places. Here are some things you can do to help fix the problem.

  1. In the top right, click More
  2. Click Settings and then Show advanced settings.
  3. In the "Privacy" section, click Content settings.
    1. In the dialog that appears, scroll down to the "Location" section. Select one of these permissions:
    2. Allow all sites to track your physical location: Select this option to let all sites automatically see your location.
    3. Ask when a site tries to track your physical location: Select this option if you want Google Chrome to alert you whenever a site wants to see your location.
    4. Do not allow any site to track your physical location: Select this option if don't want any sites to see your location.
  4. Click Done.
  1. Open System Preferences and then Security & Privacy Preferences and then Privacy and then Location Services.
  2. To allow for changes, click the lock in the bottom left.
  3. Check "Enable Location Services."
  1. Turn on location
    1. On your phone or tablet, open the Settings app.
    2. Tap Location.
    3. At the top, switch location on.
    4. Tap Mode and then High accuracy.
    If you still get an error when you open IslamicFinder, follow the step 2.
  2. Open Chrome
    1. In the top right, tap More
    2. Tap Settings.
    3. Under "Advanced", tap Site Settings
    4. Tap Location. If you see a toggle, make sure it turned on and blue.
      1. If you see "Location access is turned off for this device," tap the blue words > on the next Settings screen, tap the toggle to turn on location access.
      2. If you see "blocked" under "Location," tap Blocked > tap IslamicFinder > Clear & reset.
    5. Open IslamicFinder in your mobile browser and refresh the web page
    If you're using a browser other than Chrome, visit your browser's help center by visiting their website.
  1. Turn on location
    1. Open Settings app.
    2. Tap Privacy > Location Services > Safari Websites.
    3. Under "Allow Location Access," tap While Using the app.
  2. Give current location access on your browser
      Safari
    1. Open settings app.
    2. Tap General > Reset.
    3. Tap Reset Location & Privacy.
    4. If prompted, enter your passcode.
    5. You will see a message that says "This will reset your location and privacy settings to factory defaults." Tap Reset Settings.
    6. Open Safari
    7. Go to IslamicFinder
    8. To give Safari access to your location, tap Allow or OK
    9. To give IslamicFinder access to your location, tap OK
  3. If you are using a browser other than Safari, visit your browser's help center by visiting their website.