Pengecualian

Kami berusaha untuk memverifikasi semua informasi dalam IslamicFInder.org Jika Kamu menemukan konten yang tidak pantas (atau tautan yang mengarah pada konten yang tidak patut), maka silakan  hubungi kami.

LOKASI

Silahkan masukkan nama lokasi saat ini
Silahkan masukkan nilai garis lintang dan garis bujur yang benar
Silahkan pilih zona waktu
Silahkan pilih tanggal mulai penghematan cahaya siang (waktu musim panas)
Silahkan pilih tanggal selesai penghematan cahaya siang (waktu musim panas)
PERHITUNGAN SHOLAT

for faster experience and daily updates

×

for faster experience and daily updates

×

Baca Surah Baqarah dengan Hinditerjemahan oleh Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

Maaf, tidak dapat menemukan ayat yang sesuai dengan kata yang dicari

وَلِلْمُطَلَّقَٰتِ مَتَٰعٌۢ بِٱلْمَعْرُوفِ حَقًّا عَلَى ٱلْمُتَّقِينَ

Walilmutallaqati mataAAun bialmaAAroofi haqqan AAala almuttaqeena

और जिन औरतों को ताअय्युन मेहर और हाथ लगाए बगैर तलाक़ दे दी जाए उनके साथ जोड़े रुपए वगैरह से सुलूक करना लाज़िम है

كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمْ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ

Kathalika yubayyinu Allahu lakum ayatihi laAAallakum taAAqiloona

(ये भी) परहेज़गारों पर एक हक़ है उसी तरह ख़ुदा तुम लोगों की हिदायत के वास्ते अपने एहक़ाम साफ़ साफ़ बयान फरमाता है

أَلَمْ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ خَرَجُوا۟ مِن دِيَٰرِهِمْ وَهُمْ أُلُوفٌ حَذَرَ ٱلْمَوْتِ فَقَالَ لَهُمُ ٱللَّهُ مُوتُوا۟ ثُمَّ أَحْيَٰهُمْ إِنَّ ٱللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى ٱلنَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ

Alam tara ila allatheena kharajoo min diyarihim wahum oloofun hathara almawti faqala lahumu Allahu mootoo thumma ahyahum inna Allaha lathoo fadlin AAala alnnasi walakinna akthara alnnasi la yashkuroona

ताकि तुम समझो (ऐ रसूल) क्या तुम ने उन लोगों के हाल पर नज़र नही की जो मौत के डर के मारे अपने घरों से निकल भागे और वह हज़ारो आदमी थे तो ख़ुदा ने उन से फरमाया कि सब के सब मर जाओ (और वह मर गए) फिर ख़ुदा न उन्हें जिन्दा किया बेशक ख़ुदा लोगों पर बड़ा मेहरबान है मगर अक्सर लोग उसका शुक्र नहीं करते

وَقَٰتِلُوا۟ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ وَٱعْلَمُوٓا۟ أَنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

Waqatiloo fee sabeeli Allahi waiAAlamoo anna Allaha sameeAAun AAaleemun

और मुसलमानों ख़ुदा की राह मे जिहाद करो और जान रखो कि ख़ुदा ज़रुर सब कुछ सुनता (और) जानता है

مَّن ذَا ٱلَّذِى يُقْرِضُ ٱللَّهَ قَرْضًا حَسَنًا فَيُضَٰعِفَهُۥ لَهُۥٓ أَضْعَافًا كَثِيرَةً وَٱللَّهُ يَقْبِضُ وَيَبْصُۜطُ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ

Man tha allathee yuqridu Allaha qardan hasanan fayudaAAifahu lahu adAAafan katheeratan waAllahu yaqbidu wayabsutu wailayhi turjaAAoona

है कोई जो ख़ुदा को क़र्ज़ ए हुस्ना दे ताकि ख़ुदा उसके माल को इस के लिए कई गुना बढ़ा दे और ख़ुदा ही तंगदस्त करता है और वही कशायश देता है और उसकी तरफ सब के सब लौटा दिये जाओगे

أَلَمْ تَرَ إِلَى ٱلْمَلَإِ مِنۢ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ مِنۢ بَعْدِ مُوسَىٰٓ إِذْ قَالُوا۟ لِنَبِىٍّ لَّهُمُ ٱبْعَثْ لَنَا مَلِكًا نُّقَٰتِلْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ قَالَ هَلْ عَسَيْتُمْ إِن كُتِبَ عَلَيْكُمُ ٱلْقِتَالُ أَلَّا تُقَٰتِلُوا۟ قَالُوا۟ وَمَا لَنَآ أَلَّا نُقَٰتِلَ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ وَقَدْ أُخْرِجْنَا مِن دِيَٰرِنَا وَأَبْنَآئِنَا فَلَمَّا كُتِبَ عَلَيْهِمُ ٱلْقِتَالُ تَوَلَّوْا۟ إِلَّا قَلِيلًا مِّنْهُمْ وَٱللَّهُ عَلِيمٌۢ بِٱلظَّٰلِمِينَ

Alam tara ila almalai min banee israeela min baAAdi moosa ith qaloo linabiyyin lahumu ibAAath lana malikan nuqatil fee sabeeli Allahi qala hal AAasaytum in kutiba AAalaykumu alqitalu alla tuqatiloo qaloo wama lana alla nuqatila fee sabeeli Allahi waqad okhrijna min diyarina waabnaina falamma kutiba AAalayhimu alqitalu tawallaw illa qaleelan minhum waAllahu AAaleemun bialththalimeena

(ऐ रसूल) क्या तुमने मूसा के बाद बनी इसराइल के सरदारों की हालत पर नज़र नही की जब उन्होंने अपने नबी (शमूयेल) से कहा कि हमारे वास्ते एक बादशाह मुक़र्रर कीजिए ताकि हम राहे ख़ुदा में जिहाद करें (पैग़म्बर ने) फ़रमाया कहीं ऐसा तो न हो कि जब तुम पर जिहाद वाजिब किया जाए तो तुम न लड़ो कहने लगे जब हम अपने घरों और अपने बाल बच्चों से निकाले जा चुके तो फिर हमे कौन सा उज़्र बाक़ी है कि हम ख़ुदा की राह में जिहाद न करें फिर जब उन पर जिहाद वाजिब किया गया तो उनमें से चन्द आदमियों के सिवा सब के सब ने लड़ने से मुँह फेरा और ख़ुदा तो ज़ालिमों को खूब जानता है

وَقَالَ لَهُمْ نَبِيُّهُمْ إِنَّ ٱللَّهَ قَدْ بَعَثَ لَكُمْ طَالُوتَ مَلِكًا قَالُوٓا۟ أَنَّىٰ يَكُونُ لَهُ ٱلْمُلْكُ عَلَيْنَا وَنَحْنُ أَحَقُّ بِٱلْمُلْكِ مِنْهُ وَلَمْ يُؤْتَ سَعَةً مِّنَ ٱلْمَالِ قَالَ إِنَّ ٱللَّهَ ٱصْطَفَىٰهُ عَلَيْكُمْ وَزَادَهُۥ بَسْطَةً فِى ٱلْعِلْمِ وَٱلْجِسْمِ وَٱللَّهُ يُؤْتِى مُلْكَهُۥ مَن يَشَآءُ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ

Waqala lahum nabiyyuhum inna Allaha qad baAAatha lakum taloota malikan qaloo anna yakoonu lahu almulku AAalayna wanahnu ahaqqu bialmulki minhu walam yuta saAAatan mina almali qala inna Allaha istafahu AAalaykum wazadahu bastatan fee alAAilmi waaljismi waAllahu yutee mulkahu man yashao waAllahu wasiAAun AAaleemun

और उनके नबी ने उनसे कहा कि बेशक ख़ुदा ने तुम्हारी दरख्वास्त के (मुताबिक़ तालूत को तुम्हारा बादशाह मुक़र्रर किया (तब) कहने लगे उस की हुकूमत हम पर क्यों कर हो सकती है हालाकि सल्तनत के हक़दार उससे ज्यादा तो हम हैं क्योंकि उसे तो माल के एतबार से भी फ़ारगुल बाली (ख़ुशहाली) तक नसीब नहीं (नबी ने) कहा ख़ुदा ने उसे तुम पर फज़ीलत दी है और माल में न सही मगर इल्म और जिस्म का फैलाव तो उस का ख़ुदा ने ज्यादा फरमाया हे और ख़ुदा अपना मुल्क जिसे चाहें दे और ख़ुदा बड़ी गुन्जाइश वाला और वाक़िफ़कार है

وَقَالَ لَهُمْ نَبِيُّهُمْ إِنَّ ءَايَةَ مُلْكِهِۦٓ أَن يَأْتِيَكُمُ ٱلتَّابُوتُ فِيهِ سَكِينَةٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَبَقِيَّةٌ مِّمَّا تَرَكَ ءَالُ مُوسَىٰ وَءَالُ هَٰرُونَ تَحْمِلُهُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةً لَّكُمْ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ

Waqala lahum nabiyyuhum inna ayata mulkihi an yatiyakumu alttabootu feehi sakeenatun min rabbikum wabaqiyyatun mimma taraka alu moosa waalu haroona tahmiluhu almalaikatu inna fee thalika laayatan lakum in kuntum mumineena

और उन के नबी ने उनसे ये भी कहा इस के (मुनाजानिब अल्लाह) बादशाह होने की ये पहचान है कि तुम्हारे पास वह सन्दूक़ आ जाएगा जिसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तसकीन दे चीजें और उन तब्बुरक़ात से बचा खुचा होगा जो मूसा और हारुन की औलाद यादगार छोड़ गयी है और उस सन्दूक को फरिश्ते उठाए होगें अगर तुम ईमान रखते हो तो बेशक उसमें तुम्हारे वास्ते पूरी निशानी है

فَلَمَّا فَصَلَ طَالُوتُ بِٱلْجُنُودِ قَالَ إِنَّ ٱللَّهَ مُبْتَلِيكُم بِنَهَرٍ فَمَن شَرِبَ مِنْهُ فَلَيْسَ مِنِّى وَمَن لَّمْ يَطْعَمْهُ فَإِنَّهُۥ مِنِّىٓ إِلَّا مَنِ ٱغْتَرَفَ غُرْفَةًۢ بِيَدِهِۦ فَشَرِبُوا۟ مِنْهُ إِلَّا قَلِيلًا مِّنْهُمْ فَلَمَّا جَاوَزَهُۥ هُوَ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مَعَهُۥ قَالُوا۟ لَا طَاقَةَ لَنَا ٱلْيَوْمَ بِجَالُوتَ وَجُنُودِهِۦ قَالَ ٱلَّذِينَ يَظُنُّونَ أَنَّهُم مُّلَٰقُوا۟ ٱللَّهِ كَم مِّن فِئَةٍ قَلِيلَةٍ غَلَبَتْ فِئَةً كَثِيرَةًۢ بِإِذْنِ ٱللَّهِ وَٱللَّهُ مَعَ ٱلصَّٰبِرِينَ

Falamma fasala talootu bialjunoodi qala inna Allaha mubtaleekum binaharin faman shariba minhu falaysa minnee waman lam yatAAamhu fainnahu minnee illa mani ightarafa ghurfatan biyadihi fashariboo minhu illa qaleelan minhum falamma jawazahu huwa waallatheena amanoo maAAahu qaloo la taqata lana alyawma bijaloota wajunoodihi qala allatheena yathunnoona annahum mulaqoo Allahi kam min fiatin qaleelatin ghalabat fiatan katheeratan biithni Allahi waAllahu maAAa alssabireena

फिर जब तालूत लशकर समैत (शहर ऐलिया से) रवाना हुआ तो अपने साथियों से कहा देखो आगे एक नहर मिलेगी इस से यक़ीनन ख़ुदा तुम्हारे सब्र की आज़माइश करेगा पस जो शख्स उस का पानी पीयेगा मुझे (कुछ वास्ता) नही रखता और जो उस को नही चखेगा वह बेशक मुझ से होगा मगर हाँ जो अपने हाथ से एक (आधा चुल्लू भर के पी) ले तो कुछ हर्ज नही पस उन लोगों ने न माना और चन्द आदमियों के सिवा सब ने उस का पानी पिया ख़ैर जब तालूत और जो मोमिनीन उन के साथ थे नहर से पास हो गए तो (ख़ास मोमिनों के सिवा) सब के सब कहने लगे कि हम में तो आज भी जालूत और उसकी फौज से लड़ने की सकत नहीं मगर वह लोग जिनको यक़ीन है कि एक दिन ख़ुदा को मुँह दिखाना है बेधड़क बोल उठे कि ऐसा बहुत हुआ कि ख़ुदा के हुक्म से छोटी जमाअत बड़ी जमाअत पर ग़ालिब आ गयी है और ख़ुदा सब्र करने वालों का साथी है

وَلَمَّا بَرَزُوا۟ لِجَالُوتَ وَجُنُودِهِۦ قَالُوا۟ رَبَّنَآ أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَٱنصُرْنَا عَلَى ٱلْقَوْمِ ٱلْكَٰفِرِينَ

Walamma barazoo lijaloota wajunoodihi qaloo rabbana afrigh AAalayna sabran wathabbit aqdamana waonsurna AAala alqawmi alkafireena

(ग़रज़) जब ये लोग जालूत और उसकी फौज के मुक़ाबले को निकले तो दुआ की ऐ मेरे परवरदिगार हमें कामिल सब्र अता फरमा और मैदाने जंग में हमारे क़दम जमाए रख और हमें काफिरों पर फतेह इनायत कर

Our New Privacy Policy

We have updated our privacy policies according to GDPR rules and regulations for EU citizens. If you continue using our website, then you have agreed to our policy.

 or  More Info

Improve your location’s accuracy

Sometimes we might have trouble finding where you are located. Having your current location will help us to get you more accurate prayer times and nearby Islamic places. Here are some things you can do to help fix the problem.

  1. In the top right, click More
  2. Click Settings and then Show advanced settings.
  3. In the "Privacy" section, click Content settings.
    1. In the dialog that appears, scroll down to the "Location" section. Select one of these permissions:
    2. Allow all sites to track your physical location: Select this option to let all sites automatically see your location.
    3. Ask when a site tries to track your physical location: Select this option if you want Google Chrome to alert you whenever a site wants to see your location.
    4. Do not allow any site to track your physical location: Select this option if don't want any sites to see your location.
  4. Click Done.
  1. Open System Preferences and then Security & Privacy Preferences and then Privacy and then Location Services.
  2. To allow for changes, click the lock in the bottom left.
  3. Check "Enable Location Services."
  1. Turn on location
    1. On your phone or tablet, open the Settings app.
    2. Tap Location.
    3. At the top, switch location on.
    4. Tap Mode and then High accuracy.
    If you still get an error when you open IslamicFinder, follow the step 2.
  2. Open Chrome
    1. In the top right, tap More
    2. Tap Settings.
    3. Under "Advanced", tap Site Settings
    4. Tap Location. If you see a toggle, make sure it turned on and blue.
      1. If you see "Location access is turned off for this device," tap the blue words > on the next Settings screen, tap the toggle to turn on location access.
      2. If you see "blocked" under "Location," tap Blocked > tap IslamicFinder > Clear & reset.
    5. Open IslamicFinder in your mobile browser and refresh the web page
    If you're using a browser other than Chrome, visit your browser's help center by visiting their website.
  1. Turn on location
    1. Open Settings app.
    2. Tap Privacy > Location Services > Safari Websites.
    3. Under "Allow Location Access," tap While Using the app.
  2. Give current location access on your browser
      Safari
    1. Open settings app.
    2. Tap General > Reset.
    3. Tap Reset Location & Privacy.
    4. If prompted, enter your passcode.
    5. You will see a message that says "This will reset your location and privacy settings to factory defaults." Tap Reset Settings.
    6. Open Safari
    7. Go to IslamicFinder
    8. To give Safari access to your location, tap Allow or OK
    9. To give IslamicFinder access to your location, tap OK
  3. If you are using a browser other than Safari, visit your browser's help center by visiting their website.