تنبيه

نحن في الباحث الإسلامي نبذل قصارى جهدنا في تقديم المعلومات والمواقع المناسبة. فإذا وجدت ما هو غير مناسب فلا تتردد في  الاتصال بنا

الموقع

الرجاء إدخال اسم الموقع الحالي
الرجاء إدخال الصحيحة قيم الطول خط العرض
الرجاء تحديد المنطقة الزمنية
الرجاء تحديد الصيفي تاريخ بدء
الرجاء تحديد النهار تاريخ انتهاء التوفير
حاسبة الصلاة

قراءة سورة البقرة مع Hindiالترجمة بواسطة Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed

آسف، لا يمكن العثور على الآيات مطابقة طلب البحث / كلمة

تِلْكَ ٱلرُّسُلُ فَضَّلْنَا بَعْضَهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ مِّنْهُم مَّن كَلَّمَ ٱللَّهُ وَرَفَعَ بَعْضَهُمْ دَرَجَٰتٍ وَءَاتَيْنَا عِيسَى ٱبْنَ مَرْيَمَ ٱلْبَيِّنَٰتِ وَأَيَّدْنَٰهُ بِرُوحِ ٱلْقُدُسِ وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا ٱقْتَتَلَ ٱلَّذِينَ مِنۢ بَعْدِهِم مِّنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَٰتُ وَلَٰكِنِ ٱخْتَلَفُوا۟ فَمِنْهُم مَّنْ ءَامَنَ وَمِنْهُم مَّن كَفَرَ وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا ٱقْتَتَلُوا۟ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَفْعَلُ مَا يُرِيدُ

Tilka alrrusulu faddalna baAAdahum AAala baAAdin minhum man kallama Allahu warafaAAa baAAdahum darajatin waatayna AAeesa ibna maryama albayyinati waayyadnahu biroohi alqudusi walaw shaa Allahu ma iqtatala allatheena min baAAdihim min baAAdi ma jaathumu albayyinatu walakini ikhtalafoo faminhum man amana waminhum man kafara walaw shaa Allahu ma iqtataloo walakinna Allaha yafAAalu ma yureedu

ये रसूल ऐसे हुए है कि इनमें हमने कुछ को कुछ पर श्रेष्ठता प्रदान की। इनमें कुछ से तो अल्लाह ने बातचीत की और इनमें से कुछ को दर्जों की स्पष्ट से उच्चता प्रदान की। और मरयम के बेटे ईसा को हमने खुली निशानियाँ दी और पवित्र आत्मा से उसकी सहायता की। और यदि अल्लाह चाहता तो वे लोग, जो उनके पश्चात हुए, खुली निशानियाँ पा लेने के बाद परस्पर न लड़ते। किन्तु वे विभेद में पड़ गए तो उनमें से कोई तो ईमान लाया और उनमें से किसी ने इनकार की नीति अपनाई। और यदि अल्लाह चाहता तो वे परस्पर न लड़ते, परन्तु अल्लाह जो चाहता है, करता है

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَنفِقُوا۟ مِمَّا رَزَقْنَٰكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ يَوْمٌ لَّا بَيْعٌ فِيهِ وَلَا خُلَّةٌ وَلَا شَفَٰعَةٌ وَٱلْكَٰفِرُونَ هُمُ ٱلظَّٰلِمُونَ

Ya ayyuha allatheena amanoo anfiqoo mimma razaqnakum min qabli an yatiya yawmun la bayAAun feehi wala khullatun wala shafaAAatun waalkafiroona humu alththalimoona

ऐ ईमान लानेवालो! हमने जो कुछ तुम्हें प्रदान किया है उसमें से ख़र्च करो, इससे पहले कि वह दिन आ जाए जिसमें न कोई क्रय-विक्रय होगा और न कोई मित्रता होगी और न कोई सिफ़ारिश। ज़ालिम वही है, जिन्होंने इनकार की नीति अपनाई है

ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلْحَىُّ ٱلْقَيُّومُ لَا تَأْخُذُهُۥ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ لَّهُۥ مَا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ مَن ذَا ٱلَّذِى يَشْفَعُ عِندَهُۥٓ إِلَّا بِإِذْنِهِۦ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَىْءٍ مِّنْ عِلْمِهِۦٓ إِلَّا بِمَا شَآءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَلَا يَـُٔودُهُۥ حِفْظُهُمَا وَهُوَ ٱلْعَلِىُّ ٱلْعَظِيمُ

Allahu la ilaha illa huwa alhayyu alqayyoomu la takhuthuhu sinatun wala nawmun lahu ma fee alssamawati wama fee alardi man tha allathee yashfaAAu AAindahu illa biithnihi yaAAlamu ma bayna aydeehim wama khalfahum wala yuheetoona bishayin min AAilmihi illa bima shaa wasiAAa kursiyyuhu alssamawati waalarda wala yaooduhu hifthuhuma wahuwa alAAaliyyu alAAatheemu

अल्लाह कि जिसके सिवा कोई पूज्य-प्रभु नहीं, वह जीवन्त-सत्ता है, सबको सँभालने और क़ायम रखनेवाला है। उसे न ऊँघ लगती है और न निद्रा। उसी का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है। कौन है जो उसके यहाँ उसकी अनुमति के बिना सिफ़ारिश कर सके? वह जानता है जो कुछ उनके आगे है और जो कुछ उनके पीछे है। और वे उसके ज्ञान में से किसी चीज़ पर हावी नहीं हो सकते, सिवाय उसके जो उसने चाहा। उसकी कुर्सी (प्रभुता) आकाशों और धरती को व्याप्त है और उनकी सुरक्षा उसके लिए तनिक भी भारी नहीं और वह उच्च, महान है

لَآ إِكْرَاهَ فِى ٱلدِّينِ قَد تَّبَيَّنَ ٱلرُّشْدُ مِنَ ٱلْغَىِّ فَمَن يَكْفُرْ بِٱلطَّٰغُوتِ وَيُؤْمِنۢ بِٱللَّهِ فَقَدِ ٱسْتَمْسَكَ بِٱلْعُرْوَةِ ٱلْوُثْقَىٰ لَا ٱنفِصَامَ لَهَا وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

La ikraha fee alddeeni qad tabayyana alrrushdu mina alghayyi faman yakfur bialttaghooti wayumin biAllahi faqadi istamsaka bialAAurwati alwuthqa la infisama laha waAllahu sameeAAun AAaleemun

धर्म के विषय में कोई ज़बरदस्ती नहीं। सही बात नासमझी की बात से अलग होकर स्पष्ट हो गई है। तो अब जो कोई बढ़े हुए सरकश को ठुकरा दे और अल्लाह पर ईमान लाए, उसने ऐसा मज़बूत सहारा थाम लिया जो कभी टूटनेवाला नहीं। अल्लाह सब कुछ सुनने, जाननेवाला है

ٱللَّهُ وَلِىُّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ يُخْرِجُهُم مِّنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ أَوْلِيَآؤُهُمُ ٱلطَّٰغُوتُ يُخْرِجُونَهُم مِّنَ ٱلنُّورِ إِلَى ٱلظُّلُمَٰتِ أُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلنَّارِ هُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَ

Allahu waliyyu allatheena amanoo yukhrijuhum mina alththulumati ila alnnoori waallatheena kafaroo awliyaohumu alttaghootu yukhrijoonahum mina alnnoori ila alththulumati olaika ashabu alnnari hum feeha khalidoona

जो लोग ईमान लाते है, अल्लाह उनका रक्षक और सहायक है। वह उन्हें अँधेरों से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है। रहे वे लोग जिन्होंने इनकार किया तो उनके संरक्षक बढ़े हुए सरकश है। वे उन्हें प्रकाश से निकालकर अँधेरों की ओर ले जाते है। वही आग (जहन्नम) में पड़नेवाले है। वे उसी में सदैव रहेंगे

أَلَمْ تَرَ إِلَى ٱلَّذِى حَآجَّ إِبْرَٰهِۦمَ فِى رَبِّهِۦٓ أَنْ ءَاتَىٰهُ ٱللَّهُ ٱلْمُلْكَ إِذْ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ رَبِّىَ ٱلَّذِى يُحْىِۦ وَيُمِيتُ قَالَ أَنَا۠ أُحْىِۦ وَأُمِيتُ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ فَإِنَّ ٱللَّهَ يَأْتِى بِٱلشَّمْسِ مِنَ ٱلْمَشْرِقِ فَأْتِ بِهَا مِنَ ٱلْمَغْرِبِ فَبُهِتَ ٱلَّذِى كَفَرَ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ

Alam tara ila allathee hajja ibraheema fee rabbihi an atahu Allahu almulka ith qala ibraheemu rabbiya allathee yuhyee wayumeetu qala ana ohyee waomeetu qala ibraheemu fainna Allaha yatee bialshshamsi mina almashriqi fati biha mina almaghribi fabuhita allathee kafara waAllahu la yahdee alqawma alththalimeena

क्या तुमने उनको नहीं देखा, जिसने इबराहीम से उसके 'रब' के सिलसिले में झगड़ा किया था, इस कारण कि अल्लाह ने उसको राज्य दे रखा था? जब इबराहीम ने कहा, "मेरा 'रब' वह है जो जिलाता और मारता है।" उसने कहा, "मैं भी तो जिलाता और मारता हूँ।" इबराहीम ने कहा, "अच्छा तो अल्लाह सूर्य को पूरब से लाता है, तो तू उसे पश्चिम से ले आ।" इसपर वह अधर्मी चकित रह गया। अल्लाह ज़ालिम लोगों को सीधा मार्ग नहीं दिखाता

أَوْ كَٱلَّذِى مَرَّ عَلَىٰ قَرْيَةٍ وَهِىَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا قَالَ أَنَّىٰ يُحْىِۦ هَٰذِهِ ٱللَّهُ بَعْدَ مَوْتِهَا فَأَمَاتَهُ ٱللَّهُ مِا۟ئَةَ عَامٍ ثُمَّ بَعَثَهُۥ قَالَ كَمْ لَبِثْتَ قَالَ لَبِثْتُ يَوْمًا أَوْ بَعْضَ يَوْمٍ قَالَ بَل لَّبِثْتَ مِا۟ئَةَ عَامٍ فَٱنظُرْ إِلَىٰ طَعَامِكَ وَشَرَابِكَ لَمْ يَتَسَنَّهْ وَٱنظُرْ إِلَىٰ حِمَارِكَ وَلِنَجْعَلَكَ ءَايَةً لِّلنَّاسِ وَٱنظُرْ إِلَى ٱلْعِظَامِ كَيْفَ نُنشِزُهَا ثُمَّ نَكْسُوهَا لَحْمًا فَلَمَّا تَبَيَّنَ لَهُۥ قَالَ أَعْلَمُ أَنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ

Aw kaallathee marra AAala qaryatin wahiya khawiyatun AAala AAurooshiha qala anna yuhyee hathihi Allahu baAAda mawtiha faamatahu Allahu miata AAamin thumma baAAathahu qala kam labithta qala labithtu yawman aw baAAda yawmin qala bal labithta miata AAamin faonthur ila taAAamika washarabika lam yatasannah waonthur ila himarika walinajAAalaka ayatan lilnnasi waonthur ila alAAithami kayfa nunshizuha thumma naksooha lahman falamma tabayyana lahu qala aAAlamu anna Allaha AAala kulli shayin qadeerun

या उस जैसे (व्यक्ति) को नहीं देखा, जिसका एक ऐसी बस्ती पर से गुज़र हुआ, जो अपनी छतों के बल गिरी हुई थी। उसने कहा, "अल्लाह इसके विनष्ट हो जाने के पश्चात इसे किस प्रकार जीवन प्रदान करेगा?" तो अल्लाह ने उसे सौ वर्ष की मृत्यु दे दी, फिर उसे उठा खड़ा किया। कहा, "तू कितनी अवधि तक इस अवस्था नें रहा।" उसने कहा, "मैं एक या दिन का कुछ हिस्सा रहा।" कहा, "नहीं, बल्कि तू सौ वर्ष रहा है। अब अपने खाने और पीने की चीज़ों को देख ले, उन पर समय का कोई प्रभाव नहीं, और अपने गधे को भी देख, और यह इसलिए कह रहे है ताकि हम तुझे लोगों के लिए एक निशानी बना दें और हड्डियों को देख कि किस प्रकार हम उन्हें उभारते है, फिर, उनपर माँस चढ़ाते है।" तो जब वास्तविकता उस पर प्रकट हो गई तो वह पुकार उठा, " मैं जानता हूँ कि अल्लाह को हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्त है।"

وَإِذْ قَالَ إِبْرَٰهِۦمُ رَبِّ أَرِنِى كَيْفَ تُحْىِ ٱلْمَوْتَىٰ قَالَ أَوَلَمْ تُؤْمِن قَالَ بَلَىٰ وَلَٰكِن لِّيَطْمَئِنَّ قَلْبِى قَالَ فَخُذْ أَرْبَعَةً مِّنَ ٱلطَّيْرِ فَصُرْهُنَّ إِلَيْكَ ثُمَّ ٱجْعَلْ عَلَىٰ كُلِّ جَبَلٍ مِّنْهُنَّ جُزْءًا ثُمَّ ٱدْعُهُنَّ يَأْتِينَكَ سَعْيًا وَٱعْلَمْ أَنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ

Waith qala ibraheemu rabbi arinee kayfa tuhyee almawta qala awalam tumin qala bala walakin liyatmainna qalbee qala fakhuth arbaAAatan mina alttayri fasurhunna ilayka thumma ijAAal AAala kulli jabalin minhunna juzan thumma odAAuhunna yateenaka saAAyan waiAAlam anna Allaha AAazeezun hakeemun

और याद करो जब इबराहीम ने कहा, "ऐ मेरे रब! मुझे दिखा दे, तू मुर्दों को कैसे जीवित करेगा?" कहा," क्या तुझे विश्वास नहीं?" उसने कहा,"क्यों नहीं, किन्तु निवेदन इसलिए है कि मेरा दिल संतुष्ट हो जाए।" कहा, "अच्छा, तो चार पक्षी ले, फिर उन्हें अपने साथ भली-भाँति हिला-मिला से, फिर उनमें से प्रत्येक को एक-एक पर्वत पर रख दे, फिर उनको पुकार, वे तेरे पास लपककर आएँगे। और जान ले कि अल्लाह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है।"

مَّثَلُ ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ كَمَثَلِ حَبَّةٍ أَنۢبَتَتْ سَبْعَ سَنَابِلَ فِى كُلِّ سُنۢبُلَةٍ مِّا۟ئَةُ حَبَّةٍ وَٱللَّهُ يُضَٰعِفُ لِمَن يَشَآءُ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ

Mathalu allatheena yunfiqoona amwalahum fee sabeeli Allahi kamathali habbatin anbatat sabAAa sanabila fee kulli sunbulatin miatu habbatin waAllahu yudaAAifu liman yashao waAllahu wasiAAun AAaleemun

जो लोग अपने माल अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करते है, उनकी उपमा ऐसी है, जैसे एक दाना हो, जिससे सात बालें निकलें और प्रत्येक बाल में सौ दाने हो। अल्लाह जिसे चाहता है बढ़ोतरी प्रदान करता है। अल्लाह बड़ी समाईवाला, जाननेवाला है

ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ لَا يُتْبِعُونَ مَآ أَنفَقُوا۟ مَنًّا وَلَآ أَذًى لَّهُمْ أَجْرُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ وَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ

Allatheena yunfiqoona amwalahum fee sabeeli Allahi thumma la yutbiAAoona ma anfaqoo mannan wala athan lahum ajruhum AAinda rabbihim wala khawfun AAalayhim wala hum yahzanoona

जो लोग अपने माल अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करते है, फिर ख़र्च करके उसका न एहसान जताते है और न दिल दुखाते है, उनका बदला उनके अपने रब के पास है। और न तो उनके लिए कोई भय होगा और न वे दुखी होंगे
يقوم الباحث الإسلامي بجلب القرآن اليك حتى يجعل تلاوته أكثر سهولة. مع أداة إستكشاف القرآن، بضغطة زر يُمكنك إختيار الصورة التي ترغب في تلاوتها! مٌقدماً لك الترجمة والنسخ بالعربية والعديد من اللغات الأخرى، لم تكن تلاوة القرآن بهذه السهولة من قبل. قراءة سعيدة!

Improve your location’s accuracy

Sometimes we might have trouble finding where you are located. Having your current location will help us to get you more accurate prayer times and nearby Islamic places. Here are some things you can do to help fix the problem.

  1. In the top right, click More
  2. Click Settings and then Show advanced settings.
  3. In the "Privacy" section, click Content settings.
    1. In the dialog that appears, scroll down to the "Location" section. Select one of these permissions:
    2. Allow all sites to track your physical location: Select this option to let all sites automatically see your location.
    3. Ask when a site tries to track your physical location: Select this option if you want Google Chrome to alert you whenever a site wants to see your location.
    4. Do not allow any site to track your physical location: Select this option if don't want any sites to see your location.
  4. Click Done.
  1. Open System Preferences and then Security & Privacy Preferences and then Privacy and then Location Services.
  2. To allow for changes, click the lock in the bottom left.
  3. Check "Enable Location Services."
  1. Turn on location
    1. On your phone or tablet, open the Settings app.
    2. Tap Location.
    3. At the top, switch location on.
    4. Tap Mode and then High accuracy.
    If you still get an error when you open IslamicFinder, follow the step 2.
  2. Open Chrome
    1. In the top right, tap More
    2. Tap Settings.
    3. Under "Advanced", tap Site Settings
    4. Tap Location. If you see a toggle, make sure it turned on and blue.
      1. If you see "Location access is turned off for this device," tap the blue words > on the next Settings screen, tap the toggle to turn on location access.
      2. If you see "blocked" under "Location," tap Blocked > tap IslamicFinder > Clear & reset.
    5. Open IslamicFinder in your mobile browser and refresh the web page
    If you're using a browser other than Chrome, visit your browser's help center by visiting their website.
  1. Turn on location
    1. Open Settings app.
    2. Tap Privacy > Location Services > Safari Websites.
    3. Under "Allow Location Access," tap While Using the app.
  2. Give current location access on your browser
      Safari
    1. Open settings app.
    2. Tap General > Reset.
    3. Tap Reset Location & Privacy.
    4. If prompted, enter your passcode.
    5. You will see a message that says "This will reset your location and privacy settings to factory defaults." Tap Reset Settings.
    6. Open Safari
    7. Go to IslamicFinder
    8. To give Safari access to your location, tap Allow or OK
    9. To give IslamicFinder access to your location, tap OK
  3. If you are using a browser other than Safari, visit your browser's help center by visiting their website.