Penafian

Kami melakukan banyak usaha untuk menentusahkan semua maklumat di IslamicFinder.org. Jika anda menemui sebarang kandungan yang tidak sesuai (atau pautan kepada kandungan yang tidak sesuai), sila  hubungi kami.

LOKASI

Sila masukkan nama lokasi semasa anda
Sila masukkan nilai latitud longitud yang betul
Sila masukkan zon waktu
Sila pilih tarikh mula penyimpanan siang
Sila masukkan tarikh akhir penyimpanan siang
PENGIRAAN SOLAT

Baca Surah Baqarah dengan HindiTerjemahan oleh Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

Maaf, tidak berjaya menemui ayat yang sepadan dengan soalan/perkataan anda.

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تُبْطِلُوا۟ صَدَقَٰتِكُم بِٱلْمَنِّ وَٱلْأَذَىٰ كَٱلَّذِى يُنفِقُ مَالَهُۥ رِئَآءَ ٱلنَّاسِ وَلَا يُؤْمِنُ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْءَاخِرِ فَمَثَلُهُۥ كَمَثَلِ صَفْوَانٍ عَلَيْهِ تُرَابٌ فَأَصَابَهُۥ وَابِلٌ فَتَرَكَهُۥ صَلْدًا لَّا يَقْدِرُونَ عَلَىٰ شَىْءٍ مِّمَّا كَسَبُوا۟ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلْكَٰفِرِينَ

Ya ayyuha allatheena amanoo la tubtiloo sadaqatikum bialmanni waalatha kaallathee yunfiqu malahu riaa alnnasi wala yuminu biAllahi waalyawmi alakhiri famathaluhu kamathali safwanin AAalayhi turabun faasabahu wabilun fatarakahu saldan la yaqdiroona AAala shayin mimma kasaboo waAllahu la yahdee alqawma alkafireena

ऐ ईमानदारों आपनी खैरात को एहसान जताने और (सायल को) ईज़ा (तकलीफ) देने की वजह से उस शख्स की तरह अकारत मत करो जो अपना माल महज़ लोगों को दिखाने के वास्ते ख़र्च करता है और ख़ुदा और रोजे आखेरत पर ईमान नहीं रखता तो उसकी खैरात की मिसाल उस चिकनी चट्टान की सी है जिसपर कुछ ख़ाक (पड़ी हुई) हो फिर उसपर ज़ोर शोर का (बड़े बड़े क़तरों से) मेंह बरसे और उसको (मिट्टी को बहाके) चिकना चुपड़ा छोड़ जाए (इसी तरह) रियाकार अपनी उस ख़ैरात या उसके सवाब में से जो उन्होंने की है किसी चीज़ पर क़ब्ज़ा न पाएंगे (न दुनिया में न आख़ेरत में) और ख़ुदा काफ़िरों को हिदायत करके मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुँचाया करता

وَمَثَلُ ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمُ ٱبْتِغَآءَ مَرْضَاتِ ٱللَّهِ وَتَثْبِيتًا مِّنْ أَنفُسِهِمْ كَمَثَلِ جَنَّةٍۭ بِرَبْوَةٍ أَصَابَهَا وَابِلٌ فَـَٔاتَتْ أُكُلَهَا ضِعْفَيْنِ فَإِن لَّمْ يُصِبْهَا وَابِلٌ فَطَلٌّ وَٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ

Wamathalu allatheena yunfiqoona amwalahumu ibtighaa mardati Allahi watathbeetan min anfusihim kamathali jannatin birabwatin asabaha wabilun faatat okulaha diAAfayni fain lam yusibha wabilun fatallun waAllahu bima taAAmaloona baseerun

और जो लोग ख़ुदा की ख़ुशनूदी के लिए और अपने दिली एतक़ाद से अपने माल ख़र्च करते हैं उनकी मिसाल उस (हरे भरे) बाग़ की सी है जो किसी टीले या टीकरे पर लगा हो और उस पर ज़ोर शोर से पानी बरसा तो अपने दुगने फल लाया और अगर उस पर बड़े धड़ल्ले का पानी न भी बरसे तो उसके लिये हल्की फुआर (ही काफ़ी) है और जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उसकी देखभाल करता रहता है

أَيَوَدُّ أَحَدُكُمْ أَن تَكُونَ لَهُۥ جَنَّةٌ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَابٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ لَهُۥ فِيهَا مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ وَأَصَابَهُ ٱلْكِبَرُ وَلَهُۥ ذُرِّيَّةٌ ضُعَفَآءُ فَأَصَابَهَآ إِعْصَارٌ فِيهِ نَارٌ فَٱحْتَرَقَتْ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلْءَايَٰتِ لَعَلَّكُمْ تَتَفَكَّرُونَ

Ayawaddu ahadukum an takoona lahu jannatun min nakheelin waaAAnabin tajree min tahtiha alanharu lahu feeha min kulli alththamarati waasabahu alkibaru walahu thurriyyatun duAAafao faasabaha iAAsarun feehi narun faihtaraqat kathalika yubayyinu Allahu lakumu alayati laAAallakum tatafakkaroona

भला तुम में कोई भी इसको पसन्द करेगा कि उसके लिए खजूरों और अंगूरों का एक बाग़ हो उसके नीचे नहरें जारी हों और उसके लिए उसमें तरह तरह के मेवे हों और (अब) उसको बुढ़ापे ने घेर लिया है और उसके (छोटे छोटे) नातवॉ कमज़ोर बच्चे हैं कि एकबारगी उस बाग़ पर ऐसा बगोला आ पड़ा जिसमें आग (भरी) थी कि वह बाग़ जल भुन कर रह गया ख़ुदा अपने एहकाम को तुम लोगों से साफ़ साफ़ बयान करता है ताकि तुम ग़ौर करो

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَنفِقُوا۟ مِن طَيِّبَٰتِ مَا كَسَبْتُمْ وَمِمَّآ أَخْرَجْنَا لَكُم مِّنَ ٱلْأَرْضِ وَلَا تَيَمَّمُوا۟ ٱلْخَبِيثَ مِنْهُ تُنفِقُونَ وَلَسْتُم بِـَٔاخِذِيهِ إِلَّآ أَن تُغْمِضُوا۟ فِيهِ وَٱعْلَمُوٓا۟ أَنَّ ٱللَّهَ غَنِىٌّ حَمِيدٌ

Ya ayyuha allatheena amanoo anfiqoo min tayyibati ma kasabtum wamimma akhrajna lakum mina alardi wala tayammamoo alkhabeetha minhu tunfiqoona walastum biakhitheehi illa an tughmidoo feehi waiAAlamoo anna Allaha ghaniyyun hameedun

ऐ ईमान वालों अपनी पाक कमाई और उन चीज़ों में से जो हमने तुम्हारे लिए ज़मीन से पैदा की हैं (ख़ुदा की राह में) ख़र्च करो और बुरे माल को (ख़ुदा की राह में) देने का क़सद भी न करो हालॉकि अगर ऐसा माल कोई तुमको देना चाहे तो तुम अपनी ख़ुशी से उसके लेने वाले नहीं हो मगर ये कि उस (के लेने) में (अमदन) आंख चुराओ और जाने रहो कि ख़ुदा बेशक बेनियाज़ (और) सज़ावारे हम्द है

ٱلشَّيْطَٰنُ يَعِدُكُمُ ٱلْفَقْرَ وَيَأْمُرُكُم بِٱلْفَحْشَآءِ وَٱللَّهُ يَعِدُكُم مَّغْفِرَةً مِّنْهُ وَفَضْلًا وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ

Alshshaytanu yaAAidukumu alfaqra wayamurukum bialfahshai waAllahu yaAAidukum maghfiratan minhu wafadlan waAllahu wasiAAun AAaleemun

शैतान तमुको तंगदस्ती से डराता है और बुरी बात (बुख्ल) का तुमको हुक्म करता है और ख़ुदा तुमसे अपनी बख्शिश और फ़ज़ल (व करम) का वायदा करता है और ख़ुदा बड़ी गुन्जाइश वाला और सब बातों का जानने वाला है

يُؤْتِى ٱلْحِكْمَةَ مَن يَشَآءُ وَمَن يُؤْتَ ٱلْحِكْمَةَ فَقَدْ أُوتِىَ خَيْرًا كَثِيرًا وَمَا يَذَّكَّرُ إِلَّآ أُو۟لُوا۟ ٱلْأَلْبَٰبِ

Yutee alhikmata man yashao waman yuta alhikmata faqad ootiya khayran katheeran wama yaththakkaru illa oloo alalbabi

वह जिसको चाहता है हिकमत अता फ़रमाता है और जिसको (ख़ुदा की तरफ) से हिकमत अता की गई तो इसमें शक नहीं कि उसे ख़ूबियों से बड़ी दौलत हाथ लगी और अक्लमन्दों के सिवा कोई नसीहत मानता ही नहीं

وَمَآ أَنفَقْتُم مِّن نَّفَقَةٍ أَوْ نَذَرْتُم مِّن نَّذْرٍ فَإِنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُهُۥ وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِنْ أَنصَارٍ

Wama anfaqtum min nafaqatin aw nathartum min nathrin fainna Allaha yaAAlamuhu wama lilththalimeena min ansarin

और तुम जो कुछ भी ख़र्च करो या कोई मन्नत मानो ख़ुदा उसको ज़रूर जानता है और (ये भी याद रहे) कि ज़ालिमों का (जो) ख़ुदा का हक़ मार कर औरों की नज़्र करते हैं (क़यामत में) कोई मददगार न होगा

إِن تُبْدُوا۟ ٱلصَّدَقَٰتِ فَنِعِمَّا هِىَ وَإِن تُخْفُوهَا وَتُؤْتُوهَا ٱلْفُقَرَآءَ فَهُوَ خَيْرٌ لَّكُمْ وَيُكَفِّرُ عَنكُم مِّن سَيِّـَٔاتِكُمْ وَٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرٌ

In tubdoo alssadaqati faniAAimma hiya wain tukhfooha watutooha alfuqaraa fahuwa khayrun lakum wayukaffiru AAankum min sayyiatikum waAllahu bima taAAmaloona khabeerun

अगर ख़ैरात को ज़ाहिर में दो तो यह (ज़ाहिर करके देना) भी अच्छा है और अगर उसको छिपाओ और हाजतमन्दों को दो तो ये छिपा कर देना तुम्हारे हक़ में ज्यादा बेहतर है और ऐसे देने को ख़ुदा तुम्हारे गुनाहों का कफ्फ़ारा कर देगा और जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा उससे ख़बरदार है

لَّيْسَ عَلَيْكَ هُدَىٰهُمْ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَهْدِى مَن يَشَآءُ وَمَا تُنفِقُوا۟ مِنْ خَيْرٍ فَلِأَنفُسِكُمْ وَمَا تُنفِقُونَ إِلَّا ٱبْتِغَآءَ وَجْهِ ٱللَّهِ وَمَا تُنفِقُوا۟ مِنْ خَيْرٍ يُوَفَّ إِلَيْكُمْ وَأَنتُمْ لَا تُظْلَمُونَ

Laysa AAalayka hudahum walakinna Allaha yahdee man yashao wama tunfiqoo min khayrin falianfusikum wama tunfiqoona illa ibtighaa wajhi Allahi wama tunfiqoo min khayrin yuwaffa ilaykum waantum la tuthlamoona

ऐ रसूल उनका मंज़िले मक़सूद तक पहुंचाना तुम्हारा काम नहीं (तुम्हारा काम सिर्फ रास्ता दिखाना है) मगर हॉ ख़ुदा जिसको चाहे मंज़िले मक़सूद तक पहुंचा दे और (लोगों) तुम जो कुछ नेक काम में ख़र्च करोगे तो अपने लिए और तुम ख़ुदा की ख़ुशनूदी के सिवा और काम में ख़र्च करते ही नहीं हो (और जो कुछ तुम नेक काम में ख़र्च करोगे) (क़यामत में) तुमको भरपूर वापस मिलेगा और तुम्हारा हक़ न मारा जाएगा

لِلْفُقَرَآءِ ٱلَّذِينَ أُحْصِرُوا۟ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ لَا يَسْتَطِيعُونَ ضَرْبًا فِى ٱلْأَرْضِ يَحْسَبُهُمُ ٱلْجَاهِلُ أَغْنِيَآءَ مِنَ ٱلتَّعَفُّفِ تَعْرِفُهُم بِسِيمَٰهُمْ لَا يَسْـَٔلُونَ ٱلنَّاسَ إِلْحَافًا وَمَا تُنفِقُوا۟ مِنْ خَيْرٍ فَإِنَّ ٱللَّهَ بِهِۦ عَلِيمٌ

Lilfuqarai allatheena ohsiroo fee sabeeli Allahi la yastateeAAoona darban fee alardi yahsabuhumu aljahilu aghniyaa mina alttaAAaffufi taAArifuhum biseemahum la yasaloona alnnasa ilhafan wama tunfiqoo min khayrin fainna Allaha bihi AAaleemun

(यह खैरात) ख़ास उन हाजतमन्दों के लिए है जो ख़ुदा की राह में घिर गये हो (और) रूए ज़मीन पर (जाना चाहें तो) चल नहीं सकते नावाक़िफ़ उनको सवाल न करने की वजह से अमीर समझते हैं (लेकिन) तू (ऐ मुख़ातिब अगर उनको देखे) तो उनकी सूरत से ताड़ जाये (कि ये मोहताज हैं अगरचे) लोगों से चिमट के सवाल नहीं करते और जो कुछ भी तुम नेक काम में ख़र्च करते हो ख़ुदा उसको ज़रूर जानता है

Improve your location’s accuracy

Sometimes we might have trouble finding where you are located. Having your current location will help us to get you more accurate prayer times and nearby Islamic places. Here are some things you can do to help fix the problem.

  1. In the top right, click More
  2. Click Settings and then Show advanced settings.
  3. In the "Privacy" section, click Content settings.
    1. In the dialog that appears, scroll down to the "Location" section. Select one of these permissions:
    2. Allow all sites to track your physical location: Select this option to let all sites automatically see your location.
    3. Ask when a site tries to track your physical location: Select this option if you want Google Chrome to alert you whenever a site wants to see your location.
    4. Do not allow any site to track your physical location: Select this option if don't want any sites to see your location.
  4. Click Done.
  1. Open System Preferences and then Security & Privacy Preferences and then Privacy and then Location Services.
  2. To allow for changes, click the lock in the bottom left.
  3. Check "Enable Location Services."
  1. Turn on location
    1. On your phone or tablet, open the Settings app.
    2. Tap Location.
    3. At the top, switch location on.
    4. Tap Mode and then High accuracy.
    If you still get an error when you open IslamicFinder, follow the step 2.
  2. Open Chrome
    1. In the top right, tap More
    2. Tap Settings.
    3. Under "Advanced", tap Site Settings
    4. Tap Location. If you see a toggle, make sure it turned on and blue.
      1. If you see "Location access is turned off for this device," tap the blue words > on the next Settings screen, tap the toggle to turn on location access.
      2. If you see "blocked" under "Location," tap Blocked > tap IslamicFinder > Clear & reset.
    5. Open IslamicFinder in your mobile browser and refresh the web page
    If you're using a browser other than Chrome, visit your browser's help center by visiting their website.
  1. Turn on location
    1. Open Settings app.
    2. Tap Privacy > Location Services > Safari Websites.
    3. Under "Allow Location Access," tap While Using the app.
  2. Give current location access on your browser
      Safari
    1. Open settings app.
    2. Tap General > Reset.
    3. Tap Reset Location & Privacy.
    4. If prompted, enter your passcode.
    5. You will see a message that says "This will reset your location and privacy settings to factory defaults." Tap Reset Settings.
    6. Open Safari
    7. Go to IslamicFinder
    8. To give Safari access to your location, tap Allow or OK
    9. To give IslamicFinder access to your location, tap OK
  3. If you are using a browser other than Safari, visit your browser's help center by visiting their website.